Saturday, July 10, 2021

Jaggi_singh_b

 जिनके मुंतज़िर थे अर्शो से

क़ुर्बत हुई तो होश गवा हो गये ।

रातों की नींद गवाई उलफ़त से
 
दिल के काफ़िर जब से जवां हो गये ।
   
          Jaggi_singh_b